ना गुलफाम चाहिए ना सलाम चाहिए
ना मुबारक का पैग़ाम चाहिए
जिसको पी कर होश उड़ जाये
लबो को ऐसा जाम चाहिए
ना मुबारक का पैग़ाम चाहिए
जिसको पी कर होश उड़ जाये
लबो को ऐसा जाम चाहिए
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जिंदा है शाहजहाँ की चाहत अब तक,
गवाह है मुमताज़ की उल्फत अब तक,
जाके देखो ताजमहल को ए दोस्तों,
पथ्थरसे टपकती है मोहब्बत अब तक…
गवाह है मुमताज़ की उल्फत अब तक,
जाके देखो ताजमहल को ए दोस्तों,
पथ्थरसे टपकती है मोहब्बत अब तक…
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देरी ही सही पर दुरी तो नहीं,
इंतज़ार भला पर जुदाई तो नहीं,
मिलना बिछड़ना तो किस्मत है अपनी,
आखिर इंसान है हम फ़रिश्ते तो नहीं
इंतज़ार भला पर जुदाई तो नहीं,
मिलना बिछड़ना तो किस्मत है अपनी,
आखिर इंसान है हम फ़रिश्ते तो नहीं
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जब खामोश आँखों से बात होती है
ऐसे ही मोहब्बत की सुरुवात होती है
तुम्हारे ही खयालो में खोये रहते हैं
पता नहीं कब दिन कब रात होती है
ऐसे ही मोहब्बत की सुरुवात होती है
तुम्हारे ही खयालो में खोये रहते हैं
पता नहीं कब दिन कब रात होती है
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5 responses to “હિન્દી શાયરીઓ”
પરાર્થે સમર્પણ
November 27th, 2010 at 13:55
આદરણીય શ્રી હિરેનભાઈ,
ખુબ જ સુંદર શાયરીઓ મૂકી છે.
“પીને વાલે લોગ કમાલ કરતે હેં ,
ખુદ ભી ના સમજ શકે એસે સવાલ કરતે હે .”
અભિનંદન.
sonali
February 4th, 2011 at 22:06
bahu saras lakhyu chhe.
chirag
September 14th, 2011 at 11:41
i love you
jamilasha.p.saiyad.kutch. gujrat
January 3rd, 2012 at 11:38
best best best
daya
February 24th, 2012 at 17:43
kya shayri haiiiiiiiii