हमेशा  की  तरह  १० बजे  ठुमकते  हुए  ऑफिस आया,
११
बजे  तक  नाश्ता  किया  और  बारह  बजे  तक  मेल ही  पढ़  पाया ,

हमेशा
 की  तरह  आज  भी  मुझे  आलस    रहा  था ,
और
 मेरा  PM मुझे  तिरछी  निगाहों  से  देख देख  गुस्सा  रहा  था,

मैं
 बड़े  concentration के  साथ  एक  “Careful” मेल पढ़  रहा  था,
तभी
 देखा  मेरे  PM के नाम  का  नया  मेल कोने  मैं  ब्लिन्क कर  रहा  था,

फिर
 कोई  ट्रेनिंग करनी  होगी, ये क्या बकवास है,
क्या
 रिप्लाय  मैं  लिख  दूँ  की मेरे मैलबोक्स का उपवास  है?

मैंने आँखें बंद की और
१० बार “ॐ” “ॐ” बोला,
और प्रणाम
करते हुए मैंने वो मेल खोला,
PM के  इस मेल मैं एक अजीब सा सुकून और भोलापन  है,
लिखा है भाइयों appraisal लैटर आ गए,अब तो one-on-one है,

मन मैं ऐसे बुरे बुरे ख्याल आ रहे थे ,
ऊपर से कुछ लोग मेरे
“de-appraisal” की गन्दी अफवाह उड़ा रहे थे,

PM को लैटर लाते देख हर कोई उसे देखता जाता है,

जैसे मल्लिका के किसी नए गाने को देखा जाता है,

आखिर वो वक़्त आया,PM ने एक एक कर सबको अंदर बुलाया,
जो भी अंदर जाता हँसता हुआ जाता
,
जो बहार
 आता,मुरझाया  हुआ आता,

बहार आ कर इंसान संभल भी नहीं पता है
,
की
कितना हुआ कितना मीलाहर कोई उसपे टूट जाता है,

किसी एक को
appraisal मैं २००० रुपये मिले  थे , मैं  उसकी  हंसी  उड़ा  रहा  था ,
तभी
 मैंने  देखा  मेरा  PM इशारे  से  मुझे  अंदर  बुला   रहा  था ,

मैं
 कोन्फिदेंस से  उठा  और  आगे  कदम  बढाया ,
तभी
 मेरी  बेल्ट का  बकल टूट  के  नीकल  आया ,

मेरी
 हालत  तो  अभी  से  ही  बुरी  हो  गयी ,
साला
 इज्ज़त  उतरना  तो  यही  से  शुरू  हो  गयी ,

मैं
 अंदर  पहुंचा  और  PM ने  मुझे  बिठाया ,
उसने
 मेरा  लैटर पढा  और  वो  हंसी  रोक    पाया ,

वोह
 इतना  हंसा  की  उससे आंसू    गए ,
क्या
 मेरे  appraisal डिजिट्स उससे इतने  भा  गए ,

जैसे
 ही  उसने  appraisal लैटर मेरी  तरफ  बढाया ,
मेरी
 आँखों  के  आगे  घनघोर  अँधेरा  छाया ,

मुझे
 लगा   जैसे  मेरे  दिल की  दीवार  को  किसी  ने  गोबर  से  पोता  है ,
अरे
 यार  “बीस  रुपये” ? ये  भी  कोई  इन्क्रीमेंट होता  है  ?

ये
 सॉफ्टवेर इंडस्ट्री है , अखाडा  नहीं  है ,
ये
 “SALARY इन्क्रीमेंट” है, दादर  आने जाने  का  भाडा  नहीं  है ,

मेरे चारों
 तरफ  कलि  घटा  छायी ,तभी  मेरे  PM की  सूथिंग आवाज़  आई ,

तुम
 सोच  रहे  होगे  के  company mgmt का  दिमाग  फिर  गया  है ,
पर
 बेटा  हम  क्या  करें  , डोल्लर का  भाव 2 रुपये जो गिर गया  है  ,

पर
 फिर  भी  मुझे  लगता  है , ये  लैटर जूठा है ,
मुझे
 तो  लगता  है  ये  प्रिंटिंग मिस्टेक है,

तुम
 HR मैं  जाओ ,और   ये  कन्फर्म करके  आओ ,

भाई
 HR मैं  जाने  के  लिए  तैयार  होना  पड़ता  है ,
वही
 तो  ऐसी  जगह  है  जहाँ  सुंदर  लड़कियों  से  पला  पड़ता  है,shitt!!

जहाँ  “रेणुका” बैठी  है , आज  वहां बैठा  “आफताब” है,
मैं
 समझ  गया  बेटा , आज  अपना  लक ही  ख़राब  है ,

उसने
 मेरा  लैटर खोला ,और  खुश  हो  के  बोला ,

वो
 बोला  सर आप   के  लिए  खुशखबरी  है ,
आप
 के  लैटर ने  “प्रिंटिंग मिस्टेक” पकड़ी  है ,

मैंने
 कहा  बॉस अब  देर    लगाएं  ,
और
 मुझे  मेरा  actual amount बताएं,

sorry sir ये  मिस्टेक just by  एक्सीडेंट  है ,
बीस
 रुपये नहीं, दो  रुपये आप  का  इन्क्रीमेंट है ,

मैं
 क्या  करूं  आप  को  ये  बताते हुए  मेरा  दिल रो  रहा  है ,
पर क्या करें
डोल्लर का भाव  भी तो कम  हो  रहा  है ,

मैं
 बस  वहाँ  खडा  था, कुछ  समझ  नहीं    रहा  था ,
मुझसे
ज्यादा  इन्क्रीमेंट तो  सिक्यूरिटी वाला  पा  रहा  था ,

मैंने
 खुद  को  संभाला, खुद  को  उठाया,
मैं
 लौटा  और  सीधे  PM के  पास  आया,

मैं
 सीधा  उसके  केबिन  गया  और  दरवाज़ा  खोला ,
इस
 से  पहले  की  वो  बोले, मैं  ही  उस  से  बोला,

सर ये  पैसे  वापिस  ले लीजिये , बात करना फीजूल है,
मैं गरीब हूँ
,पर भीख  नहीं  लेता  ये  मेरा  उसूल  है|.

लेखक : अज्ञात (किसी को पता हो तो बताये)
स्त्रोत : फॉरवर्ड किया हुआ इ-मेल